हेमंत खंडेलवाल को बधाई देते सीएम मोहन यादव और वीडी शर्मा
MP BJP News Today: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया अध्यक्ष मिल गया है. बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) को पार्टी की कमान सौंपी गई है. वे अब तक पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले नेता माने जाते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इससे साफ है कि भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए एक परिपक्व और भरोसेमंद चेहरा चुना है.
बता दें, हेमंत खंडेलवाल से सांसद विष्णु दत्त शर्मा की जगह लेंगे. इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ हेमंत खंडेलवाल ने ही नामांकन दाखिला किया था, उनके अलावा किसी अन्य सदस्य ने दावेदारी पेश नहीं की थी, ऐसे में हेमंत खंडेलवाल का निर्विरोध मध्य प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था.
कौन हैं हेमंत खंडेलवाल?
हेमंत खंडेलवाल बैतूल से विधायक हैं और एक बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं. उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल भी बैतूल से चार बार सांसद रह चुके थे. 2008 में पिता के निधन के बाद हेमंत उपचुनाव में सांसद बने और फिर दो बार विधायक बने. वे पेशे से कारोबारी हैं लेकिन लंबे समय से भाजपा की राजनीति से जुड़े हुए हैं. वे प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष और बैतूल जिला अध्यक्ष जैसे संगठनात्मक पद भी संभाल चुके हैं.
हेमंत खंडेलवाल हमेशा लो-प्रोफाइल रहकर राजनीति करने वाले नेता रहे हैं. साल 2020 में जब कमलनाथ सरकार गिरी थी, तब उन्होंने सिंधिया गुट और बीजेपी के बीच सेतु का काम किया था. उन्होंने शिवराज सिंह चौहान सरकार को दोबारा बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था और बेंगलुरु जाकर विधायकों से लगातार बातचीत कर थे, लेकिन उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से इसका क्रेडिट नहीं लिया. यही उनकी राजनीतिक शैली की खासियत है बिना शोर किए, असरदार काम.
लोकसभा चुनाव में दिखा नेतृत्व कौशल
लोकसभा चुनाव 2024 में हेमंत खंडेलवाल को उम्मीदवार चयन समिति का संयोजक बनाया गया था. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने राज्य की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें छिंदवाड़ा जैसी कठिन सीट भी शामिल थी. इस शानदार प्रदर्शन ने उनके संगठनात्मक कौशल को साबित कर दिया.
हेमंत खंडेलवाल का आरएसएस से भी गहरा जुड़ाव रहा है. बैतूल और नागपुर की भौगोलिक नजदीकी का असर उनके वैचारिक झुकाव में भी दिखता है. यही कारण है कि पार्टी और संघ, दोनों में उनकी विश्वसनीयता लगातार बढ़ी है.
जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति
मध्य प्रदेश में बीजेपी की रणनीति जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ओबीसी समुदाय से हैं, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा दलित वर्ग से और विधानसभा अध्यक्ष ब्राह्मण समाज से आते हैं. हेमंत खंडेलवाल के रूप में वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देकर बीजेपी ने सामाजिक संतुलन को और मजबूती दी है. साथ ही, बैतूल जैसे आदिवासी बहुल इलाके से किसी वैश्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी पूरा किया गया है.
सीएम हेमंत सोरेन
बिहार चुनाव प्रचार के बीच अब इसको लेकर झारखंड की सियासत में अब हलचल बढ़ गई है. जब Jharkhand Mukti Morcha (JMM), जो कि इंडिया ब्लॉक के एक अहम घटक है, ने बहुचर्चित बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन की राह छोड़ते हुए अपनी राह चुनने का संकेत दिया है. इसके पीछे JMM की अनुभूति है कि उन्हें गठबंधन में पर्याप्त अहमियत नहीं दी गई. इस कदम ने भारत के मुख्य विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक को भीतर से हिलाने का संकेत दे दिया है, खासकर जब राज्य-स्तर पर JMM की भूमिका तथा उसकी रणनीति पर अब नए प्रश्न उठ रहे हैं. महागठबंधन के किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार-प्रसार नहीं करेगी. अब देखना है कि क्या झारखंड में भी इंडिया अलायंस का गठबंधन टूट जाएगा.
JMM ने चुनाव न लड़ने का किया फैसला
सुदिव्य कुमार ने बताया कि पार्टी का यह निर्णय कांग्रेस और राजद द्वारा गठबंधन धर्म का पालन न करने के कारण लिया गया. उन्होंने कहा कि बिहार में सीट बंटवारे और अन्य व्यवस्थाओं में झामुमो को उलझा कर रखा गया और अंतिम समय में कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिससे JMM ने बिहार में चुनाव न लड़ने का फैसला किया. मंत्री ने आरोप लगाया कि जिस प्रकार झारखंड में कांग्रेस और राजद को बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए सहयोग और सीटें दी गईं, उसी प्रकार बिहार में झामुमो के साथ अन्याय हुआ.
कांग्रेस ने झामुमो के पक्ष में नहीं लिया स्टैंड
सुदिव्य कुमार ने आगे कहा कि कांग्रेस ने झामुमो के पक्ष में कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं लिया और न ही मध्यस्थता के लिए कोई पहल की. इस कारण, झामुमो ने बिहार में चुनाव नहीं लड़ने का कदम उठाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में राजद और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM ने भी बिहार में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. पार्टी ने कहा कि वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और केवल छह विधानसभा सीटों चकाई, धमदाहा, कटोरिया, मनिहारी, जमुई और पीरपैंती से अपने उम्मीदवार उतारेगी. JMM के महासचिव सुप्रीमो भट्टाचार्य ने बताया कि इन सीमावर्ती सीटों में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और उनका मुख्य फोकस आदिवासी और वंचित वर्ग के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना रहेगा.
बीजेपी ने JMM के फैसले पर कसा तंज
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि JMM ने पिछले एक हफ्ते में अपना स्टैंड बदलकर बेशर्मी की नई मिसाल कायम की. पहले बंगाल से भागा, अब बिहार से भी भाग गया। पूरा घटनाक्रम ‘भाग JMM भाग’ की याद दिलाता है.
जानकारों का मानना है कि JMM की नाराजगी और बिहार में सीट बंटवारे पर असंतोष इंडिया अलायंस के लिए झारखंड में चुनौती बन सकता है. इस कदम का असर न केवल बिहार चुनाव में, बल्कि झारखंड में गठबंधन की सियासी स्थिति पर भी देखा जाएगा. यदि गठबंधन में संतुलन नहीं बना तो इंडिया अलायंस के झारखंड में टूटने की संभावना भी बढ़ सकती है.
फाइल फोटो
Pittsburgh Indian Motel Owner Murder: अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के पिट्सबर्ग शहर में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक वारदात हुई. भारतीय मूल के मोटल मालिक राकेश एहागाबन (51) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. वे पिट्सबर्ग के रॉबिन्सन टाउनशिप में अपना मोटल चलाते थे.
घटना कैसे हुई?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटल के बाहर झगड़ा हो रहा था. आरोपी की पहचान 37 वर्षीय स्टेनली यूजीन वेस्ट के रूप में हुई है, जो एक महिला और एक बच्चे के साथ पिछले दो हफ्तों से उसी मोटल में ठहरा हुआ था. वह अपनी साथी महिला से पार्किंग एरिया में झगड़ा कर रहा था. इसी दौरान मोटल मालिक राकेश बाहर आए और माहौल शांत कराने के लिए उन्होंने स्टेनली से कहा – “क्या तुम ठीक हो दोस्त?” सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि राकेश के यह कहते ही स्टेनली ने अपनी पिस्टल निकाली और पास से उनके सिर में गोली मार दी. राकेश की मौके पर ही मौत हो गई.
महिला भी हुई घायल
जानकारी के अनुसार गोलीबारी से कुछ देर पहले ही स्टेनली ने अपनी साथी महिला पर भी गोली चलाई थी. महिला अपनी कार में बैठी थी, साथ में उसका बच्चा भी था. महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन किसी तरह पास के एक सर्विस सेंटर तक पहुंचकर मदद मांग पाई. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बच्चा सुरक्षित है.
हमलावर की गिरफ्तारी
राकेश की हत्या के बाद स्टेनली एक यू-हॉल वैन लेकर मौके से फरार हो गया. पुलिस ने पीछा कर उसे पिट्सबर्ग के ईस्ट हिल्स इलाके में ढूंढ निकाला. पकड़े जाने के दौरान उसने पुलिस पर भी फायरिंग की, जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने स्टेनली को भी गोली मारी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया.
लगातार भारतीय मूल के लोगों पर हमले
यह घटना अमेरिका में भारतीय मूल के नागरिकों पर हो रहे हमलों की एक और कड़ी है. कुछ ही हफ्ते पहले टेक्सास के डलास शहर में एक अन्य भारतीय नागरिक चंद्रमौली नागमल्लैया की हत्या कर दी गई थी. उस समय विवाद टूटी हुई वॉशिंग मशीन को लेकर हुआ था.
मोटल क्या होता है?
मोटल शब्द “मोटर” और “होटल” से मिलकर बना है. यह आमतौर पर हाईवे और मुख्य सड़कों के किनारे बनाए जाते हैं, ताकि वाहन चालक आसानी से रुककर रात गुजार सकें. इनमें रहने के कमरे, पार्किंग और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं. पुलिस ने शुरुआती जांच में साफ किया है कि स्टेनली ने बिना किसी उकसावे के यह हमला किया. इस वारदात से स्थानीय भारतीय समुदाय में दहशत का माहौल है. फिलहाल पुलिस हमलावर के अपराधी इतिहास और उसके मकसद की जांच कर रही है.
जैसलमेर में हादसे का जायजा लेने पहुंचे सीएम शर्मा
Jaisalmer Bus Accident Today: राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार (14 अक्टूब) दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई. आग लगते ही बस में बैठे यात्रियों में भगदड़ मच गई. बस में कुल 57 यात्री सवार थे. हादसे में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए. प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए जैसलमेर से जोधपुर तक करीब 275 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिसके जरिए घायलों को जोधपुर अस्पताल पहुंचाया गया.
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह बस महज पांच दिन पहले ही जोधपुर स्थित इक्कू कंपनी से खरीदी गई थी. शुरुआती जांच में हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. आग इतनी तेज थी कि कई यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदना पड़ा. कई यात्री 70 फीसदी तक झुलस गए.
बस में सवार ये यात्री हुए प्रभावित
जोधपुर पहुंचने से पहले हुसैन खां (79) पुत्र इब्राहिम खां, निवासी जैसलमेर की मौत हो गई. उनका शव मॉर्च्युरी में रखा गया है. घायलों में महिपाल सिंह (रामदेवरा), युनुस (बंबरो की ढाणी), ओमाराम (लाठी), इकबाल (गंगाणा), भागा बाई (बंबरो की ढाणी), पीर मोहम्मद (बंबरो की ढाणी), इमितिजा (बंबरो की ढाणी), रफीक (गोमर), लक्ष्मण (सेतरावा), उबेदूजा (गोमर), विशाखा (जोधपुर), आशीष (जोधपुर), जीवराम (पोकरण), मनोज और फिरोज शामिल हैं.
जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि मथुरादास माथुर हॉस्पिटल और महात्मा गांधी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है. अस्पतालों में अधीक्षक, सीनियर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पहले से तैयार हैं ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके. डॉ. विकास राजपुरोहित, अधीक्षक मथुरादास हॉस्पिटल ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर और जरूरी उपकरण पहले से तैयार रखे गए हैं ताकि मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके.
घायलों के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. असिस्टेंट फायर ऑफिसर कृष्णपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि कई लोगों की जलने से मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से कई यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया.
हादसे के बाद हाईवे पर सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया ताकि एंबुलेंस और राहत वाहन बिना रुकावट के आगे बढ़ सकें. ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को जोधपुर भेजा गया. इनमें से 14 का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि एक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष ने जताया शोक
इस भयावह हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल बना दिया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है. ओम बिरला ने एक्स पोस्ट पर लिखा, "जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर बस में आग लगने से हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है. इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं."
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी एक्स पोस्ट में लिखा, "राजस्थान के जैसलमेर में बस में आग लगने की दुखद घटना से गहरा दुख हुआ है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं."
पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने कहा कि इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. उन्होंने बताया कि मृतकों के शव बुरी तरह जल जाने से पहचान मुश्किल हो रही है. प्रशासन ने डीएनए जांच के जरिए शवों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
सीएम ने लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी जिला प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को सभी संभव मदद के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी.
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और एसपी अभिषेक शिवहरे ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार राहत और जांच कार्यों में जुटी हुई हैं.